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कालका-शिमला रेल ट्रैक पर 30 नवंबर तक 10 ट्रेनें रद्द, दो का आंशिक संचालन जारी

➤ ब्रिज नंबर-57 के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी रद्दीकरण अवधि

➤ 30 नवंबर तक 10 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, दो ट्रेनें आंशिक रूप से चलेंगी

➤ यात्रियों को सफर से पहले ट्रेनों की स्थिति जांचने की सलाह


परवाणू/सोलन: कालका-शिमला विश्व धरोहर नैरोगेज रेलमार्ग पर यात्रियों की परेशानी फिलहाल जारी रहने वाली है। रेलवे विभाग ने कालका-शिमला रेल सेक्शन पर ट्रेनों के रद्द रहने की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। रेलवे की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार 1 से 30 नवंबर 2026 तक इस रेल सेक्शन पर 10 प्रमुख ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि दो ट्रेनों का संचालन यात्रियों की सुविधा के लिए आंशिक रूप से जारी रखा जाएगा। यह फैसला टकसाल और गुम्मन के बीच ब्रिज नंबर-57 के पास क्षतिग्रस्त रेल ट्रैक की मरम्मत के चलते लिया गया है। भारी बरसात के कारण पुल के समीप ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिसके बाद इस मार्ग पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। फिलहाल ट्रैक को दोबारा बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है।

रेलवे विभाग की अधिसूचना के मुताबिक कालका-शिमला रेलमार्ग पर अप और डाउन दिशा की कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। अप दिशा में ट्रेन संख्या 52457, 52451, 52459 और 52455 समेत अप मिक्स ट्रेन को रद्द रखा गया है। इसी तरह डाउन दिशा में ट्रेन संख्या 52458, 52452, 52460 और 52456 समेत डाउन मिक्स ट्रेन का संचालन भी बंद रहेगा। रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि इस मार्ग पर यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित ट्रेन की वर्तमान परिचालन स्थिति अवश्य जांच लें।

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद करने के बजाय उन्हें आंशिक रूप से चलाने का फैसला किया है। ट्रेन संख्या 52453 धर्मपुर से शिमला के बीच संचालित होती रहेगी, जबकि कालका से धर्मपुर के बीच इसका संचालन रद्द रहेगा। इसी तरह ट्रेन संख्या 52454 को कालका से धर्मपुर तक चलाया जाएगा, लेकिन धर्मपुर से शिमला के बीच यह ट्रेन संचालित नहीं होगी।

रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचने की वजह भारी बारिश बताई गई है। ब्रिज नंबर-57 के नजदीक ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण रेल लाइन की सुरक्षा और संचालन प्रभावित हुआ था। ऐसे में रेलवे की ओर से ट्रैक की मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। ट्रैक को सुरक्षित और यातायात के लिए उपयुक्त बनाने के बाद ही सामान्य रेल संचालन बहाल किया जा सकेगा।

कालका-शिमला रेलमार्ग हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन रेल मार्गों में शामिल है। इस पर चलने वाली नैरोगेज ट्रेनें शिमला आने-जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन हैं। ऐसे में ट्रेनों के लंबे समय तक रद्द रहने से इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

रेलवे विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट या पुरानी समयसारिणी के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं। संबंधित ट्रेन के संचालन की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही स्टेशन के लिए रवाना होने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से कालका, धर्मपुर और शिमला के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को यह देखना होगा कि उनकी ट्रेन किस स्टेशन तक संचालित हो रही है।

फिलहाल रेलवे की ओर से ट्रैक पुनर्स्थापना का काम तेजी से किया जा रहा है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही कालका से शिमला के बीच सामान्य रेल सेवाओं को पूरी तरह बहाल किया जा सकेगा। तब तक यात्रियों को रद्द और आंशिक रूप से संचालित ट्रेनों की जानकारी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की आवश्यकता होगी।